Mahatma Gandhi par lekh

महात्मा गांधी:- मेरा प्रिय महापुरुष 

 हेलो दोस्तों मैं संतोष शर्मा आप सभी को नमस्कार करता हूं। मैं संतोष शर्मा आप लोगों के सामने आज नया ब्लॉग लगाया हूं। आज किस ब्लॉग में आप लोगों के सामने शानदार जानकारी प्रस्तुत करने वाला हूं।

आज हम बात हमारे देश को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बारे में करेंगे। मैं इतना तो उम्मीद अवश्य करता हूं कि आप लोग भी महात्मा गांधी के बारे में कुछ ना कुछ अवश्य जानते होंगे। मैं अपनी इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इसके जीवन से संबंधित संपूर्ण घटनाओं से आपको अवगत कराएंगे। इसके लिए आपको हमारे इस पोस्ट को पूरा पढ़ने का प्रयास करें। 

दोस्तों गांधीजी की गिनती सबसे महान एवं कर्मठ नेताओं में से की जाती है उसकी नेतृत्व क्षमता बहुत ही शानदार थी। हमारे देश भारत को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी जैसे नेताओं का अहम योगदान रहा उन्होंने देश के लिए सब कुछ किया ताकि हमारे आने वाले पीढ़ी अंग्रेजों के गुलाम ना रहे। 

मैं हमारे देश को इसी तरह अपनी सेवाएं देना चाहिए ताकि हमारा देश हमेशा आगे बढ़ता रहे चाहे वह किसी भी क्षेत्र में क्यों ना हो।
तो चलिए महात्मा गांधी जी के बारे में जानने का प्रयास करते हैं।

परिचय:-

जन्म तथा पूरा नाम:-

                              2 अक्टूबर 1869 को हमारे देश की धरती पर एक ऐसा महापुरुष पैदा हुआ, जिसने ना केवल भारतीय राजनीति का नक्शा बदला, बल्कि संपूर्ण विश्व को सत्य-अहिंसा, शांति और प्रेम का पाठ पढ़ाया।

इस महापुरुष का पूरा नाम  महात्मा गांधी रखा गया।
इसके पिता का नाम करमचंद गांधी एवं माता का नाम पुतलीबाई था। कस्तूरबा गांधी महात्मा गांधी की पत्नी थी। महात्मा गांधी का‌ जन्म गुजरात के पोरबंदर में हुआ था।
Essay on Mahatma Gandhi in Hindi
महात्मा गांधी

शिक्षा:-

         गांधीजी पढ़ाई लिखाई में साधारण कोटी के छात्र थे।  परंतु उसका मुख खासियत उसका व्यवहारिक जीवन में उनकी विशेषता प्रकट होने लगी।
गांधीजी 1887 में कानून पढ़ने के लिए अफ्रीका चले गए और वहां से वह अपनी पढ़ाई पूरी की।

भारतीय राजनीति में:-

                               जब महात्मा गांधी  पढ़ाई पूरी कर भारत लौटे थे, तो भारत की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। अंग्रेजी शासक पूरी तरह से भारत को अपने मुट्ठी में कर रखा था। गांधी जी ने भारत माता को अंग्रेजों दासता से मुक्त कराने का कसम खाई।
Mahatma Gandhi with nehru
Gandhi with nehru
अब गांधीजी स्वतंत्रा आंदोलन में कूद पड़े, उन्होंने सत्य -अहिंसा को अपना प्रमुख हथियार बनाया। महात्मा गांधी द्वारा दो दल बनाया गया था। जिसका नाम गरम दल एवं नरम दल था। 

इसमें कि महात्मा गांधी नरम दल का नेतृत्व करते थे। इस दल में गांधीजी के अलावा पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ राजेंद्र प्रसाद तथा अन्य नेतागण भी शामिल थे। साथ ही साथ गरम दल में सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, खुदीराम बोस एवं भगत सिंह जैसे वीर सपूत थे जिन्होंने अपने देश के खातिर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
1920-22 मैं उन्होंने असहयोग आंदोलन का नेतृत्व करके अंग्रेजो के खिलाफ जंग छेड़ दिया।     
                                                  1929 में गांधी जी ने नमक सत्याग्रह आंदोलन चलाया। इसमें उन्होंने  साबरमती आश्रम से डांडी की पदयात्रा की तथा नमक कानून का विरोध किया।
सन् 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के द्वारा भारतीय जनता को अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।

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बलिदान:-

भारतीय इतिहास में गांधीजी का  अहम योगदान हैं।
अब भारत पाक विभाजन हुआ,तो देश के विभिन्न जगहों पर संप्रदायिक दंगे होने लगे। 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने उन्हें गोली मार दी, और वह‌ सदा के लिए यह दुनिया छोड़ के स्वर्ग पधार गए।

गांधीजी सत अहिंसा के पुजारी थे, वे सभी धर्मों को समान आदर भाव से देखते थे। गांधीजी के इसी समय एवं प्रेम के कारण हम उन्हें राष्ट्रपिता के नाम से जानते हैं।

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Mahatma Gandhi par lekh Mahatma Gandhi par lekh Reviewed by Santosh Sharma on अप्रैल 04, 2020 Rating: 5

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